नई दिल्ली। एक RTI जवाब में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस के पुराने मुख्यालय को लेकर जानकारी सामने आई है। डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स के अनुसार, यह बंगला कांग्रेस को 7 अगस्त 1992 को आवंटित किया गया था, लेकिन 26 जून 2013 से इसका आवंटन रद्द बताया गया है। विभाग ने कहा है कि इस अवधि के लिए कोई किराया प्राप्त नहीं हुआ है और बकाया राशि की समीक्षा की जा रही है। RTI में मांगी गई जानकारी के अनुसार, 24 अकबर रोड बंगले को खाली कराने से जुड़े नोटिसों की प्रतियां उपलब्ध कराने के अनुरोध पर विभाग ने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण उन्हें एकत्र करना संसाधनों की दृष्टि से कठिन है।
इससे पहले एक RTI जवाब में बताया गया था कि 24 अकबर रोड के लिए लाइसेंस फीस 1 जुलाई 2017 से बढ़ाकर 3,920 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई थी। साथ ही, बंगला खाली रखने या लाइसेंस फीस जारी रखने से जुड़ी कांग्रेस की मांग पर विचार किए जाने की जानकारी दी गई थी। RTI में 11 अशोक रोड स्थित संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई थी, जो पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल होती थी। डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स ने बताया कि यह संपत्ति अब लोकसभा सदस्यों के पूल का हिस्सा है और इससे संबंधित जानकारी लोकसभा सचिवालय को भेजी गई है। विभाग ने यह भी कहा है कि सरकार के प्रति किसी भी राजनीतिक दल की बकाया राशि का निर्धारण प्रक्रिया में है।
