छत्तीसगढ़ विधानसभा को पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज, NeVA के जरिए डिजिटल होगी विधायी कार्यप्रणाली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 नवंबर को संपन्न हुआ। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं एवं विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाना है। इसके माध्यम से विधायी कार्यों में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के NeVA समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन के विभिन्न मॉड्यूल की जानकारी दी। इसमें एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के संचालन एवं उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल रहा। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल माध्यम से प्रश्न एवं सूचनाएं प्रस्तुत करने, विधायी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन, सुरक्षित रिकॉर्ड रखने और सदन की कार्यवाही से जुड़ी जानकारियों का त्वरित आदान-प्रदान करने की प्रक्रिया समझाई गई।

इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अलावा छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। NeVA भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल है। इसके माध्यम से देश की विधानसभाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पेपरलेस बनाने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में इसके क्रियान्वयन से कागज की खपत कम होगी, समय की बचत होगी और विधायी कार्यों में पारदर्शिता एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी।