प्रदेश के 24 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया सम्मानित, मुठभेड़ में तीन माओवादी हुए थे ढेर

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छिंदखड़क जंगल में नक्सल अभियान के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले कांकेर के 5 जवानों को मिला छत्तीसगढ़ शौर्य पदक

कांकेर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस अलंकरण समारोह 2026 के अवसर पर कांकेर जिले के पांच पुलिस जवानों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक से सम्मानित किया गया है। इन जवानों ने 28 सितंबर 2025 को थाना कांकेर क्षेत्र के ग्राम छिंदखड़क के जंगल में संचालित नक्सल विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था। प्रदेशभर के कुल 24 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस सम्मान से नवाजा गया है।

शौर्य पदक से सम्मानित होने वाले जवानों में आरक्षक क्रमांक 1056 तरुण कुमार नेताम, आरक्षक क्रमांक 1299 ओम प्रकाश नेताम, आरक्षक क्रमांक 1249 डामेश्वर लाल रावटे, आरक्षक क्रमांक 89 पंकज एड़े और आरक्षक क्रमांक 151 राजकुमार यादव शामिल हैं।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2025 को ग्राम छिंदखड़क के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान पुलिस बल ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो पुरुष और एक महिला माओवादी मारे गए थे। मृत माओवादियों की पहचान श्रवण मड़कम, जिस पर 8 लाख रुपये, राजेश हेमला, जिस पर 5 लाख रुपये और शांति कुंजाम, जिस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था, के रूप में हुई थी।

मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से तीन हथियार, एम्युनिशन, डेटोनेटर, वॉकी-टॉकी सहित अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई थी। इस मामले में थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 355/2025 के तहत बीएनएस, यूएपीए एवं आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना की गई थी।

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पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने पदक प्राप्त करने वाले सभी पांचों जवानों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शौर्य पदक उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का गौरवपूर्ण सम्मान है। यह उपलब्धि न केवल सम्मानित जवानों, बल्कि पूरे कांकेर पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि जवानों की यह उपलब्धि जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी साहस और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करेगी।