गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” शिविर में एक भावुक मामला सामने आया, जिसने सभी को झकझोर दिया। फुलिमुड़ा गांव की रहने वाली खुशबू नाम की महिला ने अपनी नवजात बच्ची को पिता का नाम दिलाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी है। महिला का आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद उसके पति ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया और अब वह तलाक देने की धमकी भी दे रहा है। पीड़िता के अनुसार, उसके पति ईश्वर कश्यप ने बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने से भी मना कर दिया है।

महिला ने यह भी दावा किया कि, बच्ची के जन्म के बाद से अब तक उसका पति नवजात को देखने तक नहीं आया और उसने उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया है। मामला सामने आने के बाद देवभोग पुलिस जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, खुशबू ने वर्ष 2025 में ईश्वर कश्यप से दूसरी शादी की थी। ईश्वर पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी से दो बेटियां हैं। वहीं, पति ने भी महिला के अतीत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुराने वैवाहिक विवादों का जिक्र किया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर दस्तावेजों की जांच कर रही है। बच्ची को कानूनी पहचान दिलाने का मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
