कृषि मंत्री नेताम ने छात्रों को दिया रोजगार का नया मंत्र, बोले- सहकारिता से बनें रोजगार सृजक

Follow Us

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने विद्यार्थियों को सहकारिता के जरिए रोजगार के अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के लिए केवल नौकरी ढूंढना ही विकल्प नहीं है, बल्कि अपने कौशल और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर रोजगार पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ना जरूरी है।


Read more:- सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर


कृषि मंत्री ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से युवा मिलकर तकनीक, संसाधन और बाजार का बेहतर इस्तेमाल कर छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। कृषि, दुग्ध उत्पादन, लघु वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों में सहकारिता के जरिए रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों से स्थानीय संसाधनों और अपनी प्रतिभा को जोड़कर स्थानीय स्तर पर नए आर्थिक अवसर तैयार करने का आह्वान किया।


Read more:- जर्मनी में सूखे से कृषि क्षेत्र पर संकट, पशुपालन सबसे अधिक प्रभावित : कृषि मंत्री


कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। कार्यशाला में भारतीय श्रम समिति, जिला सहकारी बैंक रायपुर, राज्य सहकारी संघ और जिला सहकारी संघ सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने युवाओं को सहकारिता, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े विषयों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद भी किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, विभागाध्यक्ष और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।