पुलिस की बड़ी कामयाबी: लापता किशोरी का सुरक्षित रेस्क्यू, बहला-फुसलाकर भगाने वाला आरोपी युवक गिरफ्तार

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रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर महिला संबंधी अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए जिले में चलाए जा रहे *“अभियान संवेदना”* के तहत थाना कापू पुलिस ने लापता हुई 17 वर्षीय बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया है। साथ ही बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट के प्रकरण में न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में 05 जून 2026 को बालिका के परिजनों द्वारा थाना कापू में आवेदन प्रस्तुत कर बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बालिका के पिता ने बताया कि वह 01 जून 2026 को अपने रिश्तेदारी में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी एवं बच्चे मौजूद थे। 02 जून की सुबह करीब 4 बजे उनकी पत्नी की नींद खुली तो बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी। परिवारजनों ने आसपास एवं रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन बालिका का कोई पता नहीं चला। बाद में थाना कापू पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।

रिपोर्ट पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 89/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा तत्काल बालिका की पतासाजी शुरू की गई। पुलिस टीम ने परिजनों, रिश्तेदारों एवं परिचितों से पूछताछ करने के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस टीम को बालिका के जिला जशपुर के बाल कल्याण समिति में होने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर पुलिस टीम तत्काल जशपुर पहुंची और वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर बालिका को सकुशल दस्तयाब कर थाना लाई

बालिका द्वारा दिए गए कथन में बताया गया कि *आरोपी सागर लहरे (19 वर्ष), निवासी पत्थलगांव, जिला जशपुर* ने उसे शादी का प्रलोभन देकर अपने साथ भगा ले गया था तथा उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किया। पीड़िता के कथन एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में संबंधित धाराएं 64(1) बीएनएस एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने के पश्चात पुलिस टीम द्वारा आरोपी के निवास पर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया गया। विधिवत गिरफ्तारी उपरांत आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। बालिका को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।