जांच के दौरान स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन आधुनिक ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें तीन दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खनिज संपदा का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और भंडारण में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खनिज सचिव पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को संवेदनशील और पहुंच-विहीन क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके तहत विभिन्न जिलों में संभावित अवैध रेत उत्खनन क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के जरिए निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध खनन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम और जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
