CBSE का बड़ा फैसला: थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी चरणबद्ध लागू होगी, मौजूदा छात्रों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा से राहत

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्रस्तावित थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 7वीं, 8वीं, 9वीं और 10वीं में पढ़ रहे छात्रों पर नई भाषा नीति लागू नहीं होगी। इन छात्रों को तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, नई भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि छात्रों की पढ़ाई पर अचानक कोई प्रभाव न पड़े। बोर्ड ने यह भी कहा है कि कक्षावार आवश्यक अध्ययन सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाएगी और भाषा शिक्षण को अधिक रुचिकर एवं व्यावहारिक बनाया जाएगा।

CBSE की नई गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु :

o वर्तमान 10वीं कक्षा के छात्रों पर नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी।
o अभी 7वीं, 8वीं और 9वीं में पढ़ रहे छात्रों को भी 10वीं में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
o जिन छात्रों ने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे एक भारतीय भाषा के साथ अपनी वर्तमान व्यवस्था जारी रख सकेंगे।
o नई भाषा नीति के लिए अध्ययन सामग्री चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
o भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और कौशल आधारित बनाया जाएगा।

सीबीएसई के इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। हाल के महीनों में थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर कई राज्यों, छात्रों और अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। कुछ राज्यों ने इस मुद्दे पर न्यायालय का भी रुख किया था। बढ़ते विरोध के बीच सीबीएसई ने मौजूदा बैचों को नई व्यवस्था से बाहर रखने का निर्णय लिया है।