नई दिल्ली। भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा के लिए सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह पावन यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। इस वर्ष कुल 1000 श्रद्धालुओं को यात्रा का अवसर मिलेगा, जिन्हें 20 जत्थों में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक जत्थे में 50 यात्री शामिल होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन शुरू हो चुकी है और इच्छुक श्रद्धालु 19 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
यात्रियों का चयन कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित होगी। पहला मार्ग उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होकर तिब्बत की सीमा में प्रवेश करेगा। इस मार्ग से 10 जत्थों में 500 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। दूसरा मार्ग सिक्किम के नाथू ला दर्रे से होकर जाएगा, जिसमें भी 10 जत्थों में 500 यात्री शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि, इस बार यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मेडिकल टीम, रेस्क्यू व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि, भगवान शिव के इस धाम के दर्शन से जीवन में मोक्ष की प्राप्ति होती है। सरकार की इस घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं।
