ग्वालियर। ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। मुरैना के जौरा स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से सामने आए एक सनसनीखेज वीडियो ने प्रदेश के शिक्षा तंत्र की साख पर बट्टा लगा दिया है। बीए, बीकॉम और बीएससी की परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर का नजारा किसी ‘नकल फैक्ट्री’ जैसा नजर आया, जहाँ खुलेआम मोबाइल फोन पर पेपर सॉल्व किए जा रहे थे।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि, केंद्र के बाहर संदिग्ध युवकों का जमावड़ा लगा है, जो मोबाइल पर प्रश्नपत्र हल कर रहे हैं और खिड़कियों के पास जाकर छात्रों को चिल्ला-चिल्लाकर उत्तर बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ नकल माफिया ‘पास कराने की गारंटी’ का सौदा कर रहा है। केंद्र के बाहर की इस ‘सब्जी मंडी’ जैसी स्थिति ने यूनिवर्सिटी के नकलरोधी दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
इस घटना ने उन ईमानदार छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है जो कड़ी मेहनत से पढ़ाई करते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था? यदि नहीं, तो बाहर बैठे लोगों के पास प्रश्नपत्र कहाँ से पहुँचा? फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन वायरल वीडियो ने अब निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को तेज कर दिया है।
