नई दिल्ली। भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने रविवार को अहमदाबाद, गुजरात में खेले गए AVC पुरुष कप 2026 में तीसरे स्थान के लिए हुए प्ले-ऑफ मैच में मौजूदा चैंपियन बहरीन को हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने बहरीन को 3-1 (25-23, 23-25, 25-21, 25-17) से हराकर टूर्नामेंट में अपना पहला ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
शनिवार को भारत को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में भारत ने कड़ा मुकाबला किया और मैच को पांचवें सेट तक खींचा, लेकिन अंततः 25-15, 24-26, 20-25, 25-19, 13-15 से हार गया। हालांकि, मेजबान टीम ने अगले ही दिन शानदार वापसी की और दूसरे सेट में मिली हार से उबरते हुए बहरीन को एक सेट शेष रहते ही हरा दिया।
वहीं दूसरी ओर, इंडोनेशिया ने फाइनल में दो बार के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट दक्षिण कोरिया को सीधे सेटों (34-32, 25-16, 25-23) में हराकर इस टूर्नामेंट में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता। कोरियाई टीम के लिए यह कुल मिलाकर तीसरा मेडल और पहला सिल्वर मेडल था; इससे पहले उन्होंने 2023 और 2024 में लगातार ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे और पिछले साल तीसरे स्थान के लिए हुए प्ले-ऑफ में कतर से हार गए थे।
मेजबान भारत के लिए यादगार अभियान का सुखद अंत
इस तरह भारत ने अपने अभियान का सुखद अंत किया। टूर्नामेंट की शुरुआत में टीम ने ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे पूल A में शीर्ष स्थान हासिल किया था और कजाकिस्तान, चीनी ताइपे, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और बहरीन से आगे रही थी।
उन्होंने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड को सीधे सेटों में हराया और बाद में बहरीन पर शानदार जीत के साथ सुर्खियां बटोरीं। बहरीन ने पिछले साल मनामा में अपने घरेलू मैदान पर पाकिस्तान को 3-1 (23-25, 25-16, 25-17, 25-18) से हराकर यह टूर्नामेंट जीता था। इसके बाद उन्होंने अपने आखिरी ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया को सीधे सेटों (26-24, 25-14, 30-28) में हराकर अपने ग्रुप में टॉप किया।
पाकिस्तान उन 12 टीमों में शामिल था जिन्होंने शुरू में टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई किया था, लेकिन सरकार से इजाज़त न मिलने के कारण वे अहमदाबाद नहीं जा पाए। नतीजतन, पूल B में पांच टीमें होने के कारण हर टीम ने चार-चार मैच खेले, जबकि पूल A में भारत समेत हर टीम ने पांच-पांच मैच खेले।
