जशपुर। बारिश के मौसम में सिर से छत छिन जाने का दर्द अब जशपुर जिले के एक परिवार के सामने खड़ा है। कंसाबेल वन परिक्षेत्र के साजापानी गांव में हाथियों के हमले से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में ग्रामीणों की जान तो बच गई, लेकिन घर टूटने के बाद परिवारों के सामने रात गुजारने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।जानकारी के अनुसार, इन दिनों कंसाबेल वन क्षेत्र में करीब 18 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। शुक्रवार रात हाथियों का एक दल साजापानी गांव के रिहायशी इलाके में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर हाथी गांव में घुसा और उसने घरों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।
हाथी ने दो मकानों की दीवारें तोड़ दीं और घर में रखा अनाज भी खा गया। अचानक हुए हमले से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते लोगों ने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचा ली, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने बारिश के बीच रहने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घर टूटने के बाद रात के समय जंगली जानवरों का डर भी बना रहता है।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय घरों से बाहर निकलने से बचें, हाथियों से दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तत्काल विभाग को सूचित करें।
