खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी NOC मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपी के घर से 81 लाख रुपए नकद जब्त

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महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी NOC तैयार कर इस्तेमाल करने के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान में छापेमारी कर 81 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने बरामद रकम को विधिवत जब्त कर लिया है और इसे अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (क्चहृस्स्) की धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी के 23,350 किलोग्राम अवैध परिवहन के लिए प्रयुक्तNTPS NOCमें कूटरचना कर उसका वास्तविक रूप में उपयोग करने और धोखाधड़ी करने के मामले में थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है। प्रकरण में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 बीएनएस, 25 आम्र्स एक्ट तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) और धारा 52(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

सर्च वारंट लेकर आरोपी के घर पहुंची पुलिस
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को महासमुंद पुलिस की टीम ने आरोपी के मकान की तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, मकान के केयरटेकर की मौजूदगी और गवाहों के समक्ष की गई तलाशी के दौरान एक थैला बरामद हुआ। इसमें 500 रुपए के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। गड्डियों में कुल 16,200 नोट पाए गए, जिनकी कुल कीमत 81,00,000 रुपए है। पुलिस ने पूरी रकम को मौके पर विधिवत जब्त कर लिया।


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अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की तैयारी
महासमुंद पुलिस के अनुसार, बरामद 81 लाख रुपए को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय के समक्ष इसकी विधिवत कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करना और मामले में वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाना है।

महासमुंद पुलिस ने बताया कि अवैध गतिविधियों, वनोपज के अवैध परिवहन और धोखाधड़ी में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। मामले की विवेचना में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।