RTE के तहत निजी स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति बढ़ने की उम्मीद, सरकार ने गठित की 7 सदस्यीय समिति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति दर बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए सात अधिकारियों की समिति गठित की है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। समिति सरकारी और निजी विद्यालयों में प्रति विद्यार्थी होने वाले वास्तविक खर्च का आकलन करेगी। इसके आधार पर फीस प्रतिपूर्ति की नई दर तय करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।निजी स्कूल प्रबंधन लंबे समय से सरकार से फीस प्रतिपूर्ति की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसी मांग पर विचार करते हुए शासन ने यह प्रक्रिया शुरू की है।

सात अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
राज्य सरकार द्वारा गठित समिति का अध्यक्ष रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा को बनाया गया है। समिति में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिले के शिक्षा अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर, लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक (वित्त) पोषण लाल वर्मा और समग्र शिक्षा के उप संचालक एसके सारस्वत को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग और रायपुर के सहायक संचालक तथा राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। समिति सरकारी स्कूलों में प्रति विद्यार्थी होने वाले खर्च का विस्तृत आकलन करेगी।

नई प्रतिपूर्ति राशि का 70 प्रतिशत देगा केंद्र
समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय होने वाली नई फीस प्रतिपूर्ति दर की जानकारी राज्य सरकार केंद्र को भेजेगी। नियमानुसार निर्धारित राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।समिति के गठन का छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में प्रति विद्यार्थी होने वाले वास्तविक खर्च का आकलन होने से निजी स्कूलों को उचित फीस प्रतिपूर्ति मिल सकेगी।

आंदोलन के बाद पूरी हुई मांग
निजी स्कूल प्रबंधन लंबे समय से फीस प्रतिपूर्ति राशि में संशोधन और इसके लिए जांच समिति गठित करने की मांग कर रहे थे। इस मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने प्रदेशभर में असहयोग आंदोलन भी किया था। अब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से सात सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद एसोसिएशन ने इसे अपनी मांग की दिशा में अहम फैसला बताया है।