रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करने वाली एकल महिला दूरपति राठिया के पक्के मकान के सपने को साकार किया है। कच्चे मकान में बारिश, नमी और जहरीले जीव-जंतुओं के डर के बीच रहने वाली दूरपति अब पक्के आवास में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रही हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड की ग्राम पंचायत महलोई निवासी दूरपति राठिया विधवा एवं एकल महिला हैं। सीमित आमदनी और मेहनत-मजदूरी के सहारे जीवनयापन करने के कारण उनके लिए स्वयं के संसाधनों से पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। दूरपति लंबे समय से मिट्टी के कच्चे मकान में रह रही थीं।
बरसात के दौरान छत से पानी टपकने, घर में नमी फैलने और कच्ची दीवारों के कमजोर होने से मकान के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता था। इसके साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं के घर में प्रवेश करने की आशंका भी उन्हें परेशान करती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवास स्वीकृत होने के बाद शासन से मिली सहायता राशि से पक्के मकान का निर्माण किया गया।
पक्का घर मिलने के बाद अब उन्हें बारिश के दौरान छत टपकने और कच्ची दीवारों के गिरने की चिंता से राहत मिली है। दूरपति ने पक्का आवास मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले बारिश के दिनों में घर को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब सुरक्षित छत मिलने से उन्हें सुकून मिला है। उन्होंने इसके लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास निर्माण के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।
