रायपुर। कभी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझने वाला बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू हुए मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान और अटल आरोग्य लैब ने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है। दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक अब मुफ्त जांच, समय पर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं।

अभियान के तहत सातों जिलों में मेडिकल टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। घर-घर सर्वे, डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल और शुरुआती स्तर पर बीमारियों की पहचान से गंभीर रोगों की रोकथाम में मदद मिल रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं अस्पताल केंद्रित मॉडल से निकलकर जन-केन्द्रित व्यवस्था में बदलती दिख रही हैं।

सरकार की बड़ी पहल अटल आरोग्य लैब के जरिए 133 प्रकार की पैथोलॉजी जांच निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। यह सुविधा 1,046 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच चुकी है। जिला अस्पतालों से लेकर CHC और PHC तक आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार हुआ है। जांच रिपोर्ट व्हाट्सएप और SMS से उपलब्ध होने से मरीजों को राहत मिल रही है। टीबी, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसे मामलों में समय पर पहचान और उपचार से लोगों को सीधा लाभ मिला है।

गंभीर मरीजों को तत्काल रेफर कर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। साय सरकार की यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर में भरोसा, जागरूकता और विकास की नई नींव भी रख रही है।बस्तर में शुरू हुई यह स्वास्थ्य क्रांति अब जनकल्याण की नई पहचान बनती नजर आ रही है।

