गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। गौरेला में मनरेगा से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जनपद पंचायत गौरेला में पदस्थ मनरेगा तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार को जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल प्रभाव से सभी पदीय दायित्वों से पृथक कर दिया है। यह कार्रवाई रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने और मीडिया में खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद की गई। मामला पशु शेड निर्माण के मूल्यांकन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता हेतराम राठौर ने आरोप लगाया कि, उनके पिता धर्मलाल राठौर के नाम पर बने पशु शेड का मूल्यांकन करने के बदले तकनीकी सहायक ने 5 हजार रुपए की मांग की थी।

आरोप है कि, 4 हजार रुपए जनपद पंचायत कार्यालय की छत पर नकद दिए गए, जिसका वीडियो भी बनाया गया। बताया जा रहा है कि, रिश्वत देने के बावजूद फाइल लंबे समय तक लंबित रखी गई और काम पूरा नहीं किया गया। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिला पंचायत द्वारा प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद कार्रवाई की गई है। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि, वीडियो की सत्यता जांच के लिए साइबर शाखा से अभिमत लिया जाएगा, जिसके बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
