कचरा संग्रहण से ममता को मिला रोजगार, स्वच्छ गांव के साथ परिवार को दे रहीं आर्थिक सहारा

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मुंगेली। लोरमी विकासखंड के हरनाचाका गांव की ममता राजपूत स्वच्छता अभियान से जुड़कर न सिर्फ गांव को साफ रखने में योगदान दे रही हैं, बल्कि इसी काम से अपने परिवार की जरूरतों में भी सहयोग कर रही हैं। ममता पिछले दो वर्षों से एकता महिला समूह की स्वच्छाग्राही सदस्य के रूप में घर-घर जाकर कचरा एकत्र कर रही हैं। गांव की गलियों में रोजाना पहुंचकर कचरा संग्रह करना उनकी नियमित दिनचर्या बन गया है।

ममता घरों से कचरा लेने के साथ ग्रामीणों को उसके सही निपटारे के लिए भी जागरूक करती हैं। वे लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने तथा कचरा खुले में नहीं फेंकने की समझाइश देती हैं। उनके लगातार प्रयासों से ग्रामीणों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है और गांव में कचरे को व्यवस्थित तरीके से संभालने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिला है। कचरा संग्रहण के बाद सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है। सेग्रीगेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपयोगी ठोस कचरे को बेचकर ममता को हर महीने करीब 3 से 4 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। यह आय उनके परिवार के लिए आर्थिक मदद का जरिया बनी हुई है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में उनका सहयोग कर रही है।

ममता ने स्वच्छता से जुड़े इस कार्य को केवल जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे रोजगार का माध्यम बना लिया है। उनके प्रयास से गांव की सफाई व्यवस्था मजबूत हो रही है और साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। स्वच्छता और आजीविका को साथ लेकर चलने वाली उनकी पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।