नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तान की जूनियर क्रिकेट टीम उस समय अजीब स्थिति में फंस गई, जब पोर्ट्समाउथ के एक होटल के बाहर जुटे आप्रवासी-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने खिलाड़ियों को शरण मांगने वाला समूह समझ लिया। यह घटना टीम के मल्टी-फॉर्मेट दौरे के दौरान सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, होटल के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए थे। उन्हें सूचना मिली थी कि करीब 40 विदेशी पुरुषों को होटल में ठहराया गया है। प्रदर्शनकारियों को शक था कि ये लोग नाव के जरिए फ्रांस से ब्रिटेन पहुंचे शरण चाहने वालों का हिस्सा हैं।
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मामला तब साफ हुआ जब रिफॉर्म काउंसलर जॉर्ज मैडविक ने होटल प्रबंधन से जानकारी ली। मैनेजर ने बताया कि होटल में पाकिस्तान की जूनियर क्रिकेट टीम ठहरी हुई है, जो दक्षिणी तट पर अपने दौरे के लिए यहां रुकी है। मैडविक ने टीम के कोच से बातचीत करने के बाद प्रदर्शनकारियों को भी स्थिति समझाई। उन्हें पता चला कि वे शरणार्थी नहीं, बल्कि क्रिकेट खिलाड़ी हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारी कुछ ही मिनटों में वहां से चले गए। घटना के बाद इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से संपर्क किया है। साथ ही टीम के आगामी कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
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