उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना
रायपुर। 16 अगस्त (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
लो प्रेशर सिस्टम का दिखेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी-मध्य झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी बढऩे और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश हो सकती है। खासकर उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। 16 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है।
17 अगस्त को भी अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
18 अगस्त को कई जगह हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी रहेगा।
20 और 21 अगस्त को क्या रहेगा मौसम?
20 अगस्त को भी प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं है। 21 अगस्त को भी कई इलाकों में बारिश हो सकती है और मौसम विभाग ने इस दिन भी किसी विशेष चेतावनी की संभावना नहीं जताई है।
वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित पक्के भवन में जाने की अपील की है। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली की लाइनों से दूरी बनाए रखें। घास-फूस की झोपडिय़ों और कमजोर छत वाले मकानों से दूर रहें। खुले स्थानों पर मौजूद कृषि उपज को सुरक्षित जगह पर रखें। बागवानी और सब्जी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए एंटी-हेल नेट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
