आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। फल, सब्जियां, तेल और मसालों तक में मिलावट के मामले सामने आ रहे हैं। रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला लाल मिर्च पाउडर भी इससे अछूता नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, कई जगहों पर लाल मिर्च पाउडर में कृत्रिम रंग, ईंट का चूरा और अन्य अवांछित पदार्थ मिलाए जाने की शिकायतें मिली हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पहले लोग सूखी लाल मिर्च खरीदकर घर में पिसवाते थे, लेकिन अब पैक्ड मसालों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। बढ़ती मांग और अधिक मुनाफे की चाह में कुछ कारोबारी मिलावटी मसालों की बिक्री कर रहे हैं। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी लाल मिर्च पाउडर का लगातार सेवन करने से पेट संबंधी समस्याएं, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए खरीदारी के समय इसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी है। असली और नकली लाल मिर्च पाउडर की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं। असली मिर्च पाउडर का रंग प्राकृतिक लाल होता है, जबकि मिलावटी पाउडर अक्सर जरूरत से ज्यादा चमकदार या गहरे लाल रंग का दिखाई देता है। इसके अलावा, थोड़ी मात्रा में मिर्च पाउडर को पानी में डालकर देखें। यदि पानी तुरंत गहरा लाल हो जाए, तो इसमें कृत्रिम रंग की मिलावट हो सकती है।
कुछ मामलों में हाथ पर मिर्च पाउडर रगड़ने से भी कृत्रिम रंग का पता चल सकता है। यदि हाथों पर तेज लाल रंग चिपक जाए, तो सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही इसकी गंध भी सामान्य से अलग या अस्वाभाविक लग सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या प्रमाणित दुकानों से ही मसाले खरीदें। यदि संभव हो तो साबुत लाल मिर्च खरीदकर घर में पिसवाना अधिक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। जागरूकता और सावधानी के जरिए ही मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाव किया जा सकता है।
