लंबे समय तक बैठने की आदत से राहत पाने के लिए करें ये 7 योगासन

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आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में ज्यादातर लोग घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। ऑफिस वर्क, ऑनलाइन पढ़ाई और स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण गर्दन, कंधे और पीठ में अकड़न की समस्या आम हो गई है। ऐसे में योग शरीर को लचीला बनाए रखने और मांसपेशियों के तनाव को कम करने का प्रभावी तरीका माना जाता है। 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने ऐसे सात योगासनों की जानकारी दी है, जो लंबे समय तक बैठने से होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

ताड़ासन (सीटेड माउंटेन पोज़) बैठकर किया जाने वाला यह आसान योगासन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने, शरीर का संतुलन बेहतर बनाने और कोर मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से गलत पोस्चर में सुधार हो सकता है।

मार्जरीआसन (सीटेड कैट-काऊ पोज़) यह योगासन रीढ़ की गतिशीलता बढ़ाने और पीठ के तनाव को कम करने में मदद करता है। लगातार बैठने से होने वाली अकड़न को दूर करने के लिए इसे लाभकारी माना जाता है।

अधोमुखश्वानासन (डाउनवर्ड-फेसिंग डॉग) इस आसन का सरल रूप शुरुआती लोगों के लिए उपयुक्त है। यह हैमस्ट्रिंग, पीठ और कंधों में खिंचाव लाकर शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।

भुजंगासन (सीटेड कोबरा पोज़) यह योगासन छाती, कंधों और पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। लंबे समय तक झुककर बैठने की वजह से बने तनाव को कम करने में यह उपयोगी माना जाता है।

सीटेड चाइल्ड पोज़ पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और जांघों में हल्का खिंचाव लाने वाला यह आसन शरीर को आराम देता है और मानसिक तनाव कम करने में भी सहायक हो सकता है।

बैठकर स्पाइनल ट्विस्ट रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाने और कमर की जकड़न कम करने के लिए यह योगासन काफी फायदेमंद माना जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर की गतिशीलता बेहतर हो सकती है।

गर्दन का स्ट्रेच लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन देखने से गर्दन में तनाव बढ़ जाता है। सरल नेक स्ट्रेच करने से गर्दन की गतिशीलता में सुधार और कंधों के तनाव में राहत मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन योगासनों को रोजाना कुछ मिनट करने से शरीर को सक्रिय बनाए रखने, पोस्चर सुधारने और लंबे समय तक बैठने से होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दर्द की स्थिति में योग अभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।