सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सरपंचों, सचिवों और स्वच्छता दीदियों को कचरा प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कचरे के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी देते हुए ग्राम स्तर पर जनभागीदारी और नियमित निगरानी की आवश्यकता बताई।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि स्वच्छता केवल शासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रथम चरण में चयनित 45 ग्राम पंचायतों में अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा प्रत्येक पंचायत में स्वच्छता दीदियों का चयन कर उनका मानदेय निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सात दिनों के भीतर घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू करने और नियमित समीक्षा के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, जनपद पंचायत सारंगढ़ के सीईओ राधेश्याम नायक, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, स्वच्छता दीदियां एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

