नई दिल्ली। शुक्रवार को सोने के वायदा बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई। कमजोर वैश्विक रुझानों और US-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं की मांग पर दबाव देखा गया। इसी के चलते सोने के दाम में भारी गिरावट आई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। सोना 3,392 रुपये या 2.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,45,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस दौरान कुल कारोबार 9,099 लॉट का दर्ज किया गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर US-ईरान शांति समझौते को लेकर उम्मीदें बनी हुई थीं, लेकिन बाद में स्थिति बदल गई। स्विट्जरलैंड में होने वाली उच्च स्तरीय बातचीत के रद्द होने के बाद इन उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और भू-राजनीतिक स्थिरता को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी।
जानकारों का कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में सतर्क रुख अपनाया, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही वैश्विक बाजारों में कमजोर ट्रेंड ने भी सोने की मांग को प्रभावित किया।
रिपोर्ट के अनुसार, US-ईरान समझौते को लेकर तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल आपूर्ति सामान्य करने के प्रयासों पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है।
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि समझौते के अगले चरण पर चर्चा के लिए निर्धारित शुक्रवार की बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। इस फैसले के बाद कूटनीतिक प्रक्रिया की गति पर भी असर पड़ा है और बाजार में नई अनिश्चितता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित रणनीति अपनाते हुए सतर्क बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, कमजोर वैश्विक संकेतों और US-ईरान वार्ता से जुड़ी अनिश्चितता के कारण सोने के वायदा बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिसने कमोडिटी बाजार की दिशा पर भी प्रभाव डाला है।
