नासिक टीसीएस केस में बड़ा एक्शन: महाराष्ट्र सीट ने दाखिल की 1500 पन्नों की चार्जशीट, जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के मिले पुख्ता सबूत

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नासिक। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट से जुड़े बहुचर्चित यौन उत्पीड़न और जबरन मतांतरण (धर्म परिवर्तन) मामले में महाराष्ट्र एसआईटी (SIT) ने कोर्ट में 1500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। नासिक रोड के सेशंस जज केदार जोशी की विशेष अदालत में सौंपी गई यह चार्जशीट आरोपियों के खिलाफ दर्ज कुल नौ एफआईआर में से पहले मामले की है। इस चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन कराने और गंभीर यौन उत्पीड़न के पुख्ता डिजिटल व दस्तावेजी सबूत पेश किए हैं।

जांच टीम ने चार्जशीट में मुख्य आरोपी निदा खान और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इनमें आपराधिक साजिश (61-2), बलात्कार (64), धोखे से यौन संबंध बनाना (69), यौन उत्पीड़न (75) और धार्मिक भावनाओं को आहत करने (299) जैसी धाराएं शामिल हैं। सबूतों के तौर पर पुलिस ने पीड़ितों और आरोपियों के बीच हुई वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट, जब्त किए गए ईमेल, घटनास्थल का पंचनामा, आरोपियों के बैंक स्टेटमेंट, जाति प्रमाण पत्र और पहचान परेड को शामिल किया है।

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, पीड़ितों के वे दस्तावेज भी बरामद कर लिए गए हैं, जिन्हें आरोपी उनका नाम और धर्म बदलने के लिए इस्तेमाल करने वाले थे। इस मामले में टीसीएस की नासिक इकाई में उत्पीड़न के खिलाफ कुल आठ शिकायतकर्ताओं के सामने आने के बाद देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए थे। इस गंभीर विवाद के सामने आने के बाद टीसीएस कंपनी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारियों को पहले ही निलंबित कर दिया है और स्पष्ट किया है कि वे ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं।