शिरडी (अहिल्यानगर)। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। महाराष्ट्र के शिरडी (अहिल्यानगर) में निजी क्षेत्र का देश का सबसे बड़ा आर्टिलरी गोला-बारूद उत्पादन केंद्र बनकर तैयार हो चुका है। करीब 200 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस ‘शिर्डी डिफेंस कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन आज (शनिवार, 23 मई) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस भव्य कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।
निबे (NIBE) समूह द्वारा विकसित किए जा रहे इस अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘ग्लोब फोर्ज’ ने लगभग 3000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है। इस हब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ हर साल करीब 5 लाख तोप के गोले (आर्टिलरी शेल) तैयार किए जाएंगे। इसके लिए परिसर में दो विशेष असेंबली लाइनें स्थापित की गई हैं, जो भारतीय सेना के लिए स्वदेशी गोला-बारूद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
शिरडी साईं मंदिर से महज 12 किलोमीटर दूर बनी इस डिफेंस फैसिलिटी में 155mm, 120mm, 125mm जैसी अत्याधुनिक तोपों के गोलों के साथ-साथ मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर का भी उत्पादन होगा। हाल ही में यहाँ ‘सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर सिस्टम’ के सफल ट्रायल भी पूरे किए जा चुके हैं। वर्तमान में इस कॉम्प्लेक्स में 6 बड़े डोम बनाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी सरकारी व निजी कंपनियों के 100 से अधिक एग्जीबिशन स्टॉल लगाए गए हैं।
