नई दिल्ली। रात को सोते समय अचानक पैरों की मांसपेशियों में तेज खिंचाव या ऐंठन होना एक बेहद दर्दनाक अनुभव होता है, जो किसी की भी गहरी नींद को खराब कर सकता है। मेडिकल की भाषा में इसे ‘चार्ली हॉर्स’ भी कहा जाता है। यह दर्द मुख्य रूप से पिंडली (काफ मसल्स), पैर के तलवों या जांघों में होता है, जहां ऐसा महसूस होता है जैसे मांसपेशियां अचानक सिकुड़ गई हों। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह ऐंठन कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकती है। वैसे तो यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसके मामले बढ़ने लगते हैं और पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात में पैरों की ऐंठन के पीछे कई लाइफस्टाइल और मेडिकल कारण हो सकते हैं। इसका सबसे आम कारण मांसपेशियों की थकान है; जैसे दिनभर लंबे समय तक खड़े रहना, बहुत ज्यादा चलना या भारी वर्कआउट करना। इसके विपरीत, डेस्क जॉब के कारण लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से भी मांसपेशियां सुस्त हो जाती हैं और ऐंठन का कारण बनती हैं। इसके अलावा, भारत में गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) इसका एक बड़ा ट्रिगर है, क्योंकि पसीने के जरिए शरीर के जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। खराब ब्लड सर्कुलेशन, गलत पोस्चर में सोना जिससे नसों पर दबाव पड़े, या सोते समय पैर की उंगलियों का नीचे की ओर रहना भी काफ़ मसल्स को छोटा कर देता है जिससे अचानक अकड़न आ जाती है। गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में भी हार्मोनल बदलाव और बढ़े वजन के कारण यह समस्या आम हो जाती है। यदि आपको यह ऐंठन बार-बार होती है, तो यह डायबिटीज, थायराइड या किडनी जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिसके लिए डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
