इको-फ्रेंडली गार्डनिंग: अपने बगीचे से आज ही निकालें प्लास्टिक, अपनाएं ये 5 जादुई विकल्प

Follow Us

नई दिल्ली। पौधे लगाना धरती को बचाने का एक तरीका है, लेकिन अक्सर हम अनजाने में प्लास्टिक के गमले और ट्रे का इस्तेमाल कर बगीचे में ‘माइक्रोप्लास्टिक’ का जहर घोल देते हैं। ये छोटे कण मिट्टी के फायदेमंद बैक्टीरिया को खत्म कर हमारे भोजन और पानी तक पहुँच रहे हैं। अगर आप भी एक जागरूक माली बनना चाहते हैं, तो इस साल अपने बगीचे को ‘प्लास्टिक फ्री’ बनाने का संकल्प लें।

प्लास्टिक की सीड-स्टार्टिंग ट्रे की जगह ‘सॉइल-ब्लॉकिंग किट’ का उपयोग करें। यह मेटल मोल्ड गीली खाद और मिट्टी को ठोस क्यूब्स में बदल देता है, जिससे पौधों की जड़ें ज्यादा मजबूत और घनी होती हैं। इसके अलावा, आप नारियल के रेशों (कॉयर) या खाद से बने बायोडिग्रेडेबल गमलों का चुनाव कर सकते हैं, जो मिट्टी में ही मिल जाते हैं। बड़े पौधों के लिए टेराकोटा (मिट्टी), लकड़ी या प्राकृतिक फाइबर से बने ग्रो बैग्स सबसे बेहतरीन विकल्प हैं।

बाजार से मिट्टी या खाद के प्लास्टिक बैग खरीदने के बजाय, घर पर ही कम्पोस्ट (खाद) बनाना शुरू करें। इससे न सिर्फ कचरा कम होगा, बल्कि आपके पैसे भी बचेंगे। खरपतवार रोकने के लिए प्लास्टिक की शीट की जगह सूखी पत्तियों, लकड़ी के चिप्स या कटी हुई छाल का उपयोग करें। साथ ही, पौधों को सहारा देने के लिए प्लास्टिक की रस्सियों के बजाय जूट की सुतली और बांस या मेटल के खूंटों का इस्तेमाल करें। गार्डनिंग में उठाए गए ये छोटे-छोटे कदम न केवल आपके पौधों को बेहतर स्वास्थ्य देंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक साफ और सुरक्षित पर्यावरण भी सुनिश्चित करेंगे।