रायगढ़। जिले में चोरी, कबाड़ और संदिग्ध गतिविधियों की जड़ों तक पहुंचने निकली रायगढ़ पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि, इलाके के संदिग्ध कबाड़ी और फेरीवालों में हड़कंप मच गया। ऑपरेशन प्रहार के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 29 संदिग्ध कबाड़ी और फेरीवालों को उठाकर थाने पहुंचाया, जहां घंटों पूछताछ, फिंगरप्रिंटिंग और रिकॉर्ड खंगालने की कार्रवाई चली। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि, क्षेत्र में घूमने वाले कुछ कबाड़ी और फेरीवाले चोरी और अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े हुए हैं और संपत्ति संबंधी अपराधों को बढ़ावा देने में इनकी भूमिका सामने आ रही है।
इसी इनपुट पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत चक्रधरनगर इलाके में विशेष अभियान चलाया गया। नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र में सक्रिय संदिग्धों की पहचान कर उन्हें थाने लाकर गहन सत्यापन शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सभी 29 लोगों के फिंगरप्रिंट लिए गए और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गतिविधियों और स्थानीय नेटवर्क की जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने सभी संदिग्धों को साफ चेतावनी दी कि, भविष्य में चोरी, अवैध कबाड़ खरीद-बिक्री या किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर सीधे कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार केवल एक अभियान नहीं बल्कि चोरी, नकबजनी और अवैध कबाड़ के पूरे नेटवर्क को तोडऩे की रणनीति है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ संदेश दिया है कि, अपराध को बढ़ावा देने वाले किसी भी स्रोत को बख्शा नहीं जाएगा और आम नागरिक भी अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। बहरहाल, रायगढ़ में पुलिस का यह प्रहार साफ संकेत है कि, अब चोरी और कबाड़ के काले खेल पर पुलिस की नजर सिर्फ चोरों पर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क पर है।
