मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली-बिलासपुर नेशनल हाईवे एक बार फिर खून से लाल हो गया है। जिला पंचायत धरमपुरा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। बता दें ,जरहागांव से भटगांव की ओर जा रहे तीन दोस्त एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, बाइक के परखच्चे उड़ गए और भटगांव निवासी राधेश्याम निर्मलकर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल दो अन्य दोस्तों-आर्यन निर्मलकर और शुभम निर्मलकर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कंपनी और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिजनों का आरोप है कि, यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विभाग की लापरवाही से की गई ‘हत्या’ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन टोल नाके के पास सड़क पर जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं। बाइक सवार युवक इन गड्ढों से बचने की कोशिश कर रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। लोगों का कहना है कि, एक तरफ टोल टैक्स वसूलने के लिए नाके का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता के चलने के लिए सड़क को बदहाल छोड़ दिया गया है। जरहागांव पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है, लेकिन अधूरी सड़क और धीमी निर्माण गति ने इस नेशनल हाईवे को ‘डेथ जोन’ में तब्दील कर दिया है।
