रायगढ़। नियति का क्रूर खेल किसे कहते हैं, इसका जीता-जागता और दुखद उदाहरण छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देखने को मिला है। जिस घर से दो दिन पहले गाजे-बाजे के साथ बारात निकली थी, आज वहां चीख-पुकार और मातम पसरा है। बिजली विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत देवांगन सिदार (35) की एक सड़क हादसे में जान चली गई।

दरअसल यह, घटना कापू थाना क्षेत्र के ठाकुरपोड़ी गांव की है। परिजनों ने बताया कि,5 अप्रैल से घर में मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई थी। 8 अप्रैल को बड़े ही उत्साह के साथ देवांगन की बारात जशपुर गई और 9 अप्रैल को गांव में रिसेप्शन का भव्य आयोजन था। खुशियां चरम पर थीं, लेकिन अगले ही दिन सब कुछ खत्म हो गया। 10 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे, दूल्हा देवांगन अपने चाचा के ट्रैक्टर पर टेंट का सामान वापस करने जा रहा था। उसके साथ तीन दोस्त भी सवार थे। सतीपारा के पास अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। बदकिस्मती से देवांगन ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे उसके सिर और सीने पर गंभीर चोटें आईं। हादसे में उसके तीन अन्य साथी भी घायल हुए हैं।
बता दें,परिजनों ने आनन-फानन में उसे पत्थलगांव के अस्पताल पहुंचाया। स्थिति नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रात करीब 11 बजे नंदन झरिया के पास देवांगन ने दम तोड़ दिया। बिजली विभाग के इस होनहार कर्मचारी की अचानक मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि उसकी नई-नवेली दुल्हन की दुनिया भी उजाड़ दी है। पूरे गांव में इस समय सन्नाटा है और हर आंख नम है।
