नई दिल्ली। बच्चों के दांतों की सही देखभाल उनके समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अक्सर माता-पिता अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो मासूमों की मुस्कान को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सबसे पहली और आम गलती है गलत टूथब्रश का चुनाव। अक्सर लोग बच्चों के लिए भी बड़े आकार का ब्रश ले आते हैं, जबकि उनके छोटे मुंह के लिए हमेशा छोटे सिर वाले और बेहद मुलायम (अल्ट्रा-सॉफ्ट) ब्रिसल्स वाले ब्रश का ही इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वह मुंह के हर कोने तक आसानी से पहुँच सके। इसके अलावा, जल्दी-जल्दी में या गलत तरीके से रगड़कर ब्रश कराना दूसरी बड़ी भूल है; बच्चों को हमेशा बेहद हल्के हाथों से, गोलाकार गति (सर्कुलर मोशन) में धीरे-धीरे ब्रश करना सिखाना चाहिए।
तीसरी सावधानी फ्लोराइड को लेकर बरतनी जरूरी है। हालांकि फ्लोराइड दांतों को सड़न से बचाता है, लेकिन इसकी अधिकता से ‘फ्लोरोसिस’ हो सकता है, जिससे दांतों में पीलापन आ जाता है या वे कमजोर होने लगते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह पर ही सही मात्रा में फ्लोराइड पेस्ट दें। चौथी गंभीर गलती है बच्चों द्वारा ब्रश के बाद झाग या गंदा पानी निगल जाना। छोटे बच्चे अक्सर कुल्ला करने के बजाय पानी पेट में उतार लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है; उन्हें हमेशा थूकना और अच्छी तरह कुल्ला करना सिखाएं। पांचवीं और आखिरी गलती है छोटे बच्चों को पूरी तरह उनके भरोसे खुद ब्रश करने देना। कम उम्र में बच्चों के हाथों का नियंत्रण इतना बेहतर नहीं होता कि वे ठीक से सफाई कर सकें। इसलिए शुरुआत में हमेशा अपनी देखरेख में ही ब्रश कराएं, पहले खुद करके दिखाएं और फिर खेल-खेल में उन्हें सही तरीका सिखाएं ताकि उनके अनमोल दांत हमेशा मोतियों की तरह चमकते रहें।
