इस्लामाबाद। अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम के बाद दोनों देशों को शांति वार्ता की मेज पर लाने के लिए पाकिस्तान अपनी पीठ खुद ही थपथपाने में जुटा था। हालांकि, इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब पाकिस्तान के सुर मिमियाने में बदल गए हैं। जहां पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि उनका देश ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता जारी रखेगा। उन्होंने दोनों पक्षों से चल रहे युद्धविराम को बनाए रखने का आग्रह किया। आपको बता दें की इशाक डार ने मीडिया से छोटी सी बातचीत में बताया कि पिछले 24 घंटों में दोनों पक्षों के बीच गहन और रचनात्मक चर्चाओं के कई दौरों में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की है। उनके साथ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी इस शांति वार्ता में शामिल हुए थे। डार ने प्रगति की उम्मीद जताते हुए कहा कि स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता प्राप्त करने के लिए दोनों पक्षों को सकारात्मक भावना बनाए रखनी चाहिए।
वहीं उप प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि दोनों पक्ष युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच आगामी दिनों में भी जुड़ाव और संवाद की सुविधा प्रदान करने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। इस वार्ता की विफलता ने दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम की प्रभावशीलता और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाओं पर संदेह पैदा कर दिया है। पाकिस्तान की भूमिका इस क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है।
