नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आज हाहाकार मचा हुआ है। 24 अप्रैल को सेंसेक्स 600 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,000 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है, वहीं निफ्टी भी 150 अंक फिसलकर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर आ गया है। बाजार में इस कोहराम की सबसे बड़ी वजह वैश्विक तनाव और आईटी (IT) सेक्टर में मची चौतरफा बिकवाली है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की समय सीमा बढ़ाई है, लेकिन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को जब्त करने और अमेरिकी घेराबंदी ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल पर दिख रहा है, जो $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो कल अमेरिकी बाजार (Dow Jones और Nasdaq) लाल निशान में बंद हुए, जिसका असर आज एशियाई बाजारों पर भी दिखा। घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है। सिर्फ 23 अप्रैल को विदेशी निवेशकों ने करीब 3,254 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि इस पूरे महीने में यह आंकड़ा 47,000 करोड़ रुपये के पार पहुँच चुका है। हालांकि, घरेलू निवेशक (DIIs) बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारी बिकवाली के आगे वे बेबस नजर आ रहे हैं। फिलहाल बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है। जहां रियल्टी सेक्टर में थोड़ी खरीदारी दिख रही है, वहीं ऑटो और आईटी शेयरों पर दबाव बरकरार है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और भी बड़ी गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
