नई दिल्ली। एक धीमी और उछाल भरी पिच, गेंदबाजी में दो ओवरों का खराब प्रदर्शन और इसी के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम की लगातार 12 सीरीज या टूर्नामेंट जीतने का रथ रुक गया। हालांकि भारतीय टीम के पास अभी भी लगातार 16 द्विपक्षीय सीरीज या टूर्नामेंट में अजेय रहने का एक बड़ा रिकॉर्ड बचाने का मौका है। भारत और आयरलैंड के बीच रविवार को सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। भारत सीरीज में 0-1 से पीछे है और उसकी कोशिश सीरीज बराबर करने पर टिकी होगी।
मुख्य कोच गौतम गंभीर, जिनके कार्यकाल में भारत को घरेलू मैदान पर पहली बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा और घर पर 12 साल से चला आ रहा अजेय सफर टूटा, वह कार्यकाल में एक और ऐसा दाग नहीं देखना चाहेंगे। यही वजह है कि दोनों टी20 मैचों के बीच सिर्फ एक दिन का फासला होने के बावजूद गंभीर ने खिलाड़ियों के लिए वैकल्पिक नेट सत्र रखने का फैसला किया है।
- वापसी पर भारत की नजर
भारत के खिलाफ अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय जीत का जश्न मना रही आयरलैंड की टीम अब सीरीज अपने नाम करने का सपना देख रही है। - अगर आयरिश टीम ऐसा करने में कामयाब होती है तो साल 2022 की शुरुआत में वेस्टइंडीज को वनडे सीरीज में 2-1 से हराने के बाद द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनकी सबसे बड़ी जीत होगी।
- दिलचस्प बात यह है कि वेस्टइंडीज को हराने वाली टीम के केवल चार खिलाड़ी ही शुक्रवार को भारत के खिलाफ खेलने उतरी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे।
घरेलू परिस्थितियों की बेहतर समझ आयरलैंड के लिए इस मैच में टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। - वहीं, टी20 की विश्व चैंपियन भारतीय टीम की नजरें वापसी पर होंगी और वह यह साबित करने की कोशिश करेगी कि पहले टी20 मैच में हार महज एक खराब दिन था।
भारतीय गेंदबाजों को सुधारनी होगी रणनीति
भारतीय टीम अगले मैच में अपनी गेंदबाजी में बड़े सुधार के इरादे से उतरेगी। हालांकि, पिछले मैच में शुरुआत शानदार रही थी और भारत ने 30 रन पर ही आयरलैंड के तीन विकेट चटका दिए थे। लेकिन अगले मैच में भी परिस्थितियां समान रहने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि गेंदबाजों को सुधार करना होगा। आयरलैंड की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी और भारत के शीर्ष पांच में कोई जगह खाली न होने के कारण वाशिंगटन का चयन हमेशा से ही जोखिम भरा माना जा रहा था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए रन बनाए थे। अगर सूर्यांश शेडगे टीम में शामिल हो जाते हैं, तो वे प्लेइंग इलेवन में वह वाशिंगटन की जगह ले सकते हैं।
कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर उठे सवाल
इस हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का टीम चयन और गेंदबाजों के इस्तेमाल की रणनीति भी सवालों के घेरे में है। मैच के 16वें ओवर में, जब क्रीज पर दो दाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे अय्यर ने पहली बार वाशिंगटन सुंदर को गेंद सौंपी। यही वह ओवर था जहां से मैच का रुख पूरी तरह आयरलैंड की तरफ मुड़ गया। अब देखना होगा कि अगले मैच में टीम इंडिया इन गलतियों से सीखकर कैसे वापसी करती है।
सूर्यवंशी का डेब्यू का इंतजार होगा खत्म?
भारत ने पहले मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल होने का मौका नहीं दिया था। सूर्यवंशी को नहीं खिलाने पर आलोचना भी हुई थी और अब जब भारतीय टीम को हार मिली है तो एक बार फिर वैभव को मौका देने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, इस बात की संभावना कम ही है कि रविवार को वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिले। टीम प्रबंधन एक हार के बाद शीर्ष क्रम में बदलाव करेगी, इसकी संभावना कम नजर आती है। यानी वैभव को अभी डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:
भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, वाशिंगटन सुंदर/सूर्यांश शेडगे, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रिंस यादव।
आयरलैंड: टिम टेक्टर, रॉय एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (कप्तान और विकेटकीपर), बेन कैलिट्ज, गारेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, मैथ्यू हम्फ्रे, मैट होलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंदड़ा।

