चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर बुधवार को अहम प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और मौजूदा सीटों के अनुपात को बनाए रखने की मांग उठाई गई है। प्रस्ताव में कहा गया कि, जनसंख्या नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू करने वाले राज्यों को परिसीमन के बाद नुकसान नहीं होना चाहिए।
Read more: इंडिगो फ्लाइट में लैंडिंग से पहले इंजन फेल, 224 यात्रियों में मचा हड़कंपhttps://amritsandesh.com/engine-failure-on-indigo-flight-before-landing-panic-among-224-passengers/
तमिलनाडु सरकार ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को स्थिर रखने और राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व के मौजूदा संतुलन को बनाए रखने पर जोर दिया। महिला आरक्षण को लेकर भी सरकार ने अपना पक्ष रखा। प्रस्ताव में मांग की गई कि 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए और इसके लिए नए परिसीमन का इंतजार न किया जाए।
Read more: पीएम मोदी ने मां को किया याद, बोले- ‘आज भी उनकी कमी महसूस होती है’https://amritsandesh.com/pm-modi-remembers-his-mother-says-i-still-feel-her-absence/
सरकार का तर्क है कि, केवल आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होने से दक्षिणी राज्यों की संसद में हिस्सेदारी घट सकती है। ऐसे में राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। प्रस्ताव में केंद्र से चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं-लोकसभा सीटों की संख्या 543 पर बनाए रखना, मौजूदा प्रतिनिधित्व अनुपात को सुरक्षित रखना, राज्यों के बीच संतुलन कायम रखना और महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग लागू करना। परिसीमन को लेकर यह प्रस्ताव आने वाले दिनों में केंद्र और राज्यों के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
