सावन व्रत में बाजार का सिंघाड़े का आटा खरीदने से बचें, घर पर ऐसे तैयार करें शुद्ध और बारीक आटा

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नई दिल्ली। सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही भगवान शिव की आराधना के साथ व्रत और फलाहार का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। इस दौरान लोग अनाज से परहेज करते हुए सिंघाड़े का आटा, कुट्टू, साबुदाना और राजगीरा जैसी चीजों को आहार में शामिल करते हैं। सिंघाड़े के आटे से व्रत में पूड़ी, पराठा, चीला और हलवा जैसी कई स्वादिष्ट चीजें बनाई जाती हैं। हालांकि, बाजार में मिलने वाले खुले या पैक्ड सिंघाड़े के आटे की गुणवत्ता को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है। ऐसे में आप चाहें तो घर पर ही ताजे और शुद्ध सिंघाड़े का आटा तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले साफ, अच्छी तरह सूखे और फंगस या नमी से मुक्त सिंघाड़े लें। किसी भी तरह की बदबू या ज्यादा नरमी वाले सिंघाड़ों का इस्तेमाल न करें। सिंघाड़ों को अच्छी तरह जांचकर धूल, मिट्टी और खराब टुकड़े अलग कर दें। जरूरत हो तो साफ पानी से जल्दी धोकर उन्हें तुरंत अच्छी तरह सुखाएं। इसके बाद साफ कपड़े या प्लेट में फैलाकर धूप में तब तक सुखाएं, जब तक उनमें बिल्कुल नमी न रह जाए।

पूरी तरह सूख चुके सिंघाड़ों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर मिक्सर-ग्राइंडर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीसें। पहले इन्हें हल्का दरदरा पीसें और फिर दोबारा ग्राइंड करके बारीक पाउडर तैयार करें। बिल्कुल महीन आटा पाने के लिए इसे बारीक छलनी से छान लें और बचे हुए मोटे टुकड़ों को दोबारा पीसकर छान सकते हैं। तैयार आटे को पूरी तरह ठंडा होने के बाद साफ और सूखे एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें। आटे में नमी न जाने दें और हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। अगर मौसम में नमी ज्यादा है तो एक साथ अधिक आटा बनाने के बजाय जरूरत के अनुसार छोटे बैच में तैयार करना बेहतर रहेगा। घर पर आटा तैयार करने से आपको सिंघाड़ों की गुणवत्ता और सफाई पर बेहतर नियंत्रण मिलता है। हालांकि, कच्चे सिंघाड़े हमेशा भरोसेमंद स्रोत से खरीदें और उन्हें पूरी तरह सुखाने के बाद ही पीसें। इस सावन अगर आप सिंघाड़े की पूड़ी, चीला या पराठा बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर पर ताजा आटा तैयार करना एक आसान विकल्प हो सकता है।