खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामला बाजार आतरिया क्षेत्र की ‘साल्हेकला इंडियन गैस एजेंसी’ से जुड़ा है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी पहले उनके मोबाइल पर आया OTP (वन टाइम पासवर्ड) मांगते हैं। ओटीपी दर्ज होते ही सरकारी सिस्टम में सिलेंडर ‘डिलीवर’ दिखा दिया जाता है और उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी का पैसा भी पहुंच जाता है। लेकिन हकीकत यह है कि, हफ्तों बीत जाने के बाद भी लोगों के घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचता ही नहीं है। कई पीड़ितों ने दावा किया कि उनके खाते में दो से तीन बार सब्सिडी आ चुकी है, पर सिलेंडर आज तक नसीब नहीं हुआ।कालाबाजारी रोकने के लिए लागू किया गया ओटीपी सिस्टम ही अब इस कथित घोटाले का जरिया बन चुका है।
जब ग्रामीण इसकी शिकायत करने गैस एजेंसी पहुंचते हैं, तो उन्हें ‘गाड़ी रास्ते में है’ या ‘लोडिंग नहीं हुई’ जैसे बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, गरीब उपभोक्ताओं के हक की इस घरेलू गैस को ऊंचे दामों पर होटलों, ढाबों और कमर्शियल सेंटरों में खपाया जा रहा है। साल्हेकला एजेंसी सीमावर्ती इलाके में होने के कारण इससे खैरागढ़ के अलावा बेमेतरा और दुर्ग जिले के लगभग $800$ से $900$ परिवार जुड़े हैं, जो इस धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। इस मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और खैरागढ़ एडीएम सुरेंद्र कुमार ठाकुर ने पूरे मामले की बारीकी से तकनीकी जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
