रायपुर। सोशल मीडिया के लिए रील्स, वीडियो बनाना और तस्वीरें खिंचवाना आजकल एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन अब यह शौक हवाई यात्रियों को बहुत महंगा पड़ सकता है। डीजीसीए (DGCA) और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने हवाई अड्डों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए नए और बेहद सख्त नियम जारी किए हैं। इस नई गाइडलाइन के तहत अब एयरपोर्ट के ‘सुरक्षा होल्ड एरिया’ (जहां सीआईएसएफ यात्रियों और उनके सामान की सघन जांच करती है) में वीडियो या रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा, विमान पार्किंग एरिया (एप्रन) में या बस से विमान तक जाते समय बीच रास्ते में रुककर रील बनाने, फोटो खींचने या वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यात्री केवल टेक-ऑफ, लैंडिंग या सामान्य उड़ान के दौरान अपनी सीट या खिड़की से ही सामान्य तस्वीरें ले सकते हैं, बशर्ते केबिन क्रू को इससे कोई आपत्ति न हो।

सफर के दौरान यदि केबिन क्रू का कोई सदस्य कैमरा बंद करने के लिए कहता है, तो यात्रियों को तुरंत उसका पालन करना होगा। क्रू के निर्देशों की अनदेखी कर वीडियो बनाते रहने पर यात्री को ‘अनरूली पैसेंजर’ (उग्र यात्री) की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ डीजीसीए की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत दोषी यात्रियों पर 3 महीने से लेकर 2 साल या उससे अधिक समय के लिए हवाई यात्रा करने पर प्रतिबंध (नो-फ्लाई लिस्ट) लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (CISF) अधिकारी मौके पर ही मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर सकते हैं और विमान अधिनियम के तहत कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
