नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए SEBI ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) और फॉरेन वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर्स (FVCI) को रजिस्ट्रेशन फीस अमेरिकी डॉलर में जमा करने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत यह शुल्क अब भारतीय रुपये में लिया जाएगा।
SEBI की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, कैटेगरी-I FPI और FVCI के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 2,500 डॉलर की जगह 2.30 लाख रुपये तय की गई है। यह नया नियम अधिसूचना जारी होने के छह महीने बाद लागू होगा। SEBI का कहना है कि इस बदलाव से भुगतान प्रक्रिया आसान होगी और विदेशी मुद्रा दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कम होगा। इसके साथ ही SEBI ने FPI रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म में भी बदलाव किया है। अब निवेशकों को आवेदन के समय जन्मतिथि या कंपनी के गठन की तारीख जैसी जानकारी देना अनिवार्य होगा। इससे PAN जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाया जा सकेगा।
नए नियमों के तहत डिजिग्नेटेड डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DDP) की भूमिका भी बढ़ाई गई है। DDP को विदेशी निवेशकों से प्राप्त फीस को भारतीय रुपये में SEBI के खाते में जमा करना होगा और तय समय सीमा में जरूरी जानकारी भी देनी होगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक और पारदर्शी बनाएगा। साथ ही SEBI को विदेशी निवेश से जुड़ी गतिविधियों की बेहतर निगरानी करने में मदद मिलेगी।
