रायपुर।( तुमेश साहू ) राजधानी रायपुर के कई सरकारी स्कूलों के भवनों की स्थिति जर्जर हो गई है। हालांकि कई भावनों की मरम्मत के साथ ही अनेक स्थानों पर नए भवन निर्माण कराए गए हैं। लेकिन उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे है। दलदल सिवनी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बना स्कूल महज 2 साल के भीतर ही जर्जर हो गई है। दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें हैं, छत से प्लास्टर गिर रहा है, सरिया बाहर झांक रहा है। इसके बावजूद सैकड़ों की संख्या में बच्चे रोज इसी खतरनाक भवन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। 2023-24 में 5 लाख 10 हजार रुपये की लागत से बना यह स्कूल भवन अब बच्चों के लिए खतरा बनता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। जानकारी के अनुसार विद्यालय का निर्माण 2023-24 वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया गया था। निर्माण पर लाखों रुपये खर्च हुए थे। लेकिन गुणवत्ता एकदम जीरो होने के कारण ही कुछ सालों में ही दीवारों पर दरारें दिखने लग गई और धसना भी शुरू हो गई है। यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं है, यह शिक्षा और प्रशासन दोनों की नाकामी का नमूना है। अब सवाल यहां है कि अगर कल को छत गिर गई और कोई बच्चा हताहत हुआ, तो जिम्मेदार कौन होगा? वो ठेकेदार जिसने 1 साल में गिरने वाला भवन बनाया? वो पीडब्ल्यूडी अफसर जिसने घटिया काम पास कर दिया? या वो शिक्षा विभाग जिसने 2 साल से जर्जर स्कूलों की लिस्ट के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की?
सैकड़ों बच्चों की जान जोखिम में
जानकारी के अनुसार इस स्कूल में रोजाना कक्षा लगती है। सैकड़ों बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। यह स्थिति अनहोनी को बुलवा देने जैसा है। आरटीई नियमों के तहत जर्जर भवन में स्कूल संचालन मान्य नहीं है, पर वैकल्पिक व्यवस्था न होने से बच्चों की पढ़ाई इसी भवन में चल रही है। स्कूल प्रबंधन ने PWD को सूचना दे दी है, लेकिन अब तक मरम्मत या नए भवन को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
जानकारी के अनुसार सिर्फ 1 साल में 5.10 लाख की लागत से बने भवन का इस कदर जर्जर होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 2023-24 में बने भवन का 2026 में ही जर्जर हो जाना PWD की मॉनिटरिंग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली दोनों पर सवाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के समय ही घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें थीं, पर जांच नहीं हुई।
पीडब्ल्यूडी को जानकारी दे दी गई है
स्कूल के प्राचार्य मीणा बंजारे ने बताया कि हमने पूरे मामले की जानकारी लिखित में पीडब्ल्यूडी को दे दी है। भवन लगातार धंस रहा है और दीवारों की दरारें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं, लेकिन पढ़ाई रोकना संभव नहीं है। मजबूरी में हमें क्लास लेनी पड़ रही है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आए हुए थे उन्होंने कहा कि फ्लोर की समस्या है स्ट्रक्चर ठीक है।

