मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में जिला सरपंच संघ और प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण कार्यों के भुगतान में देरी और कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तीनों विकासखंडों के सरपंचों ने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के तबादले की मांग तेज कर दी है। मांग पूरी नहीं होने पर सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। सरपंच संघ ने जिला पंचायत CEO के स्थानांतरण की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। साथ ही उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए और अपनी समस्याओं के समाधान की अपील की।
इससे पहले जिला सरपंच संघ ने कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं का बहिष्कार किया था। इसका असर जिले की कई पंचायतों में देखने को मिला, जहां कुछ स्थानों पर ग्राम सभाएं सरपंचों की अनुपस्थिति में हुईं, जबकि कुछ पंचायतों में बैठक आयोजित ही नहीं हो सकी।
29 जून को कलेक्ट्रेट परिसर में सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल और कलेक्टर के बीच बैठक हुई। बैठक में सरपंचों ने लिखित ज्ञापन सौंपकर जिला पंचायत CEO के तबादले की मांग दोहराई। हालांकि कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए वे इस संबंध में निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं। बैठक के बाद सरपंच संघ ने मोहला स्थित सामुदायिक भवन में फिर बैठक कर आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया। संघ ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो जिले के सभी सरपंच सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार करेंगे।
मामले में जिला पंचायत CEO भारती चंद्राकर से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सरपंच संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल या नेता से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की है।


