भीषण गर्मी में स्कूल संचालन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़, शासन तत्काल ले संज्ञान : अरुण वोरा

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दुर्ग। जिले में भीषण गर्मी के बीच स्कूल खुलने के पहले ही दिन प्रार्थना सभा के दौरान एक छात्र के बेहोश होने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है। यह घटना शासन एवं शिक्षा विभाग की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है। जब पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, तब छोटे बच्चों को लंबे समय तक खुले मैदान में खड़ा करना उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने कहा कि, विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मौसम विभाग द्वारा लगातार अत्यधिक तापमान और लू की चेतावनी जारी की जा रही है, इसके बावजूद स्कूलों के संचालन को लेकर आवश्यक सावधानियां नहीं बरती जा रही हैं। इसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि, स्कूल खुलने के पहले ही दिन छात्र के बेहोश होने की घटना ने अभिभावकों की चिंताओं को सही साबित कर दिया है। यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो ऐसी घटनाएं आगे और गंभीर रूप ले सकती हैं। शासन को बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए तथा आवश्यक होने पर स्कूलों के समय में परिवर्तन अथवा अन्य उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

अरुण वोरा ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि, सभी विद्यालयों में पेयजल, प्राथमिक उपचार, छायादार स्थान, पंखों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता की जांच कराई जाए। साथ ही प्रार्थना सभाओं एवं अन्य गतिविधियों को मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप संचालित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि, बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। शासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।