17 साल की तन्वी शर्मा ने रचा इतिहास, ताइपे ओपन सुपर 300 जीतकर बनीं सबसे कम उम्र की चैंपियन

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नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन की उभरती स्टार तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया है। महज 17 साल 222 दिन की उम्र में उन्होंने महिला एकल का खिताब अपने नाम कर इस टूर्नामेंट की सबसे कम उम्र की चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीय खिलाड़ी थुई लिन्ह एनगुएन को 36 मिनट में सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराया। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब भी हासिल किया।इस ऐतिहासिक जीत के साथ तन्वी ने ताइवान की दिग्गज खिलाड़ी ताई त्ज़ु-यिंग का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले सबसे कम उम्र में ताइपे ओपन महिला एकल खिताब जीतने का रिकॉर्ड ताई त्ज़ु-यिंग के नाम था, जिन्होंने 18 साल 85 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। तन्वी अब 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं।

फाइनल में तन्वी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले गेम में 10-2 की बढ़त बना ली। हालांकि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन तन्वी ने संयम बनाए रखते हुए पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में शुरुआती पिछड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और लगातार बढ़त बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। जीत के बाद तन्वी का भावुक पल भी देखने को मिला। उन्होंने अपना स्वर्ण पदक उतारकर अपने कोच पार्क ताए संग के गले में पहनाया और उनके साथ इस उपलब्धि का जश्न मनाया। पार्क ताए संग इससे पहले भारतीय स्टार पीवी सिंधु के भी कोच रह चुके हैं।

तन्वी इससे पहले भी कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। वह विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। इसके अलावा उन्होंने एशियाई टीम चैंपियनशिप में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का भी हिस्सा रहते हुए योगदान दिया है। 2025 यूएस ओपन सुपर 300, ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 और गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 में भी वह उपविजेता रह चुकी हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर वह अब दुनिया की शीर्ष 35 महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी हैं।