सूरत। गुजरात के सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 36 घंटों में शहर में करीब 18 इंच (457 मिमी) बारिश दर्ज की गई, जिसने जुलाई 1941 में बने 85 साल पुराने बारिश के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। मूसलाधार बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखने को मिला, जिसमें वाहन बहते नजर आए। वहीं, शहर के एक प्रमुख शॉपिंग मॉल की एक पूरी मंजिल पानी में डूब गई। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
बारिश से जुड़े हादसों में करंट लगने, पेड़ गिरने और बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और राहत एजेंसियों ने करीब 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। एहतियात के तौर पर सूरत और आसपास के नवसारी जिले में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
भारी बारिश का असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी देखने को मिला है। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) का एक हिस्सा धंसने से यातायात प्रभावित हुआ और करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गुरुग्राम के कई इलाकों में पानी भरने से परेशानी बढ़ गई, जबकि एक स्कूल बस नाले में फंस गई। हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी कंपनियों से कर्मचारियों को कुछ दिनों तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश और भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यहां अब तक 4 लोगों की मौत, 21 लोगों के घायल होने और 2 महिलाओं के लापता होने की जानकारी सामने आई है। कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोगा जिलों में भी खराब मौसम को देखते हुए स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
