संलग्नीकरण पर गरियाबंद में सियासत, 16 शिक्षकों की वापसी में देरी पर कांग्रेस ने दी चक्का जाम की चेतावनी

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गरियाबंद। शिक्षा मंत्री के संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश के बावजूद गरियाबंद जिले में प्रक्रिया धीमी होने पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि डीईओ और डीएमसी कार्यालय में 16 शिक्षक अब भी संलग्न होकर गैर-शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम आंदोलन की चेतावनी दी है।

शिक्षकीय कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री ने 26 जून को संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए थे। इसके पालन में 1 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने पांचों विकासखंडों को आदेश जारी किया, लेकिन अब तक पूरी तरह अमल नहीं हो सका है। कांग्रेस का आरोप है कि आदेश के बावजूद कई शिक्षक अब भी मूल स्कूलों में नहीं लौटे हैं।

जानकारी के अनुसार, डीएमसी और डीईओ कार्यालय में प्रधान पाठक, व्याख्याता, सहायक शिक्षक, एबीईओ और अन्य कर्मचारी वर्षों से गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, जिससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं देवभोग विकासखंड में बीईओ नीलम्बर कश्यप ने कार्रवाई करते हुए 17 कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थापना स्थल पर भेज दिया है। इनमें सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता, लिपिक और भृत्य शामिल हैं।

इधर, डूमरबहाल हाईस्कूल के व्याख्याता धनवंतरी कुमार के लंबे समय तक कार्यालय में संलग्न रहने का मामला भी चर्चा में है। बीईओ ने अवकाश प्रक्रिया में नियमों के पालन नहीं होने की बात कहते हुए आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने कहा कि संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। जिन मामलों में देरी हो रही है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और सभी संलग्न कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से मूल स्कूलों में भेजा जाएगा।