दिग्विजय सिंह का राजनीति से संन्यास

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भोपाल : कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राजनीत से संन्यास का ऐलान कर दिया है. अब वे धर्म की रक्षा करेंगे. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं सनातन धर्म को समझता हूं, भाजपा, वीएचपी और आरएसएस को भी समझता हूं. अब मेरा मिशन धर्म की रक्षा करना है, अब कोई राजनीति नहीं कारूंगा, अपनी आखिरी सांस तक आस्था की रक्षा करनी है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मैं अब 80 साल का हो गया हूं. मेरी पार्टी ने मुझे पांच बार विधायक बनाया, दो बार लोकसभा से सांसद बनाया और दो बार राज्यसभा से सांसद बनाया. इस बार मैंने पार्टी हाईकमान से खुद कहा कि अब किसी और को लाइए.

इसलिए अब मेरा काम सिर्फ धर्म रक्षा है. इसमें कोई भी राजनीति नहीं होगी.
गैर-राजनीतिक होगी यात्रा
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में उज्जैन महाकाल मंदिर से अयोध्या तक पद यात्रा करने का ऐलान किया था. उनकी यह यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होगी जो 1000 किलोमीटर लंबी होगी. दिग्विजय सिंह लगातार दावा कर रहे हैं कि यह यात्रा पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगी. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान न तो वे कोई भाषण देंगे, न ही कुछ बोलेंगे और न ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ लिखेंगे.
कार सेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि
इस यात्रा में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं के शामिल होने को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा- मैं किसी को नहीं शामिल होने के लिए नहीं कहूंगा. मैं संतोष दुबे जी को आमंत्रित करूंगा. वे ऐसे कारसेवक हैं जिन्होंने अपने शरीर पर चार गोलियां खाई थीं. वह मेरी यात्रा के दौरान मुख्य अतिथि होंगे.