सोना और पेट्रोल पर ‘सियासी संग्राम’: मंत्री लेशी सिंह का बड़ा बयान- “संकट के समय शौक नहीं, संकल्प चाहिए”

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पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशहित में सोना न खरीदने और ईंधन बचाने की अपील के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह ने जोरदार समर्थन देते हुए कहा है कि राष्ट्र की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था सबसे ऊपर है। उन्होंने एलान किया कि, प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए वे खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करेंगी ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके। लेशी सिंह ने महिलाओं से भी अपील की कि, देश पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचें।

जेडीयू कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी पीएम के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी युद्ध जैसी स्थितियों में प्रधानमंत्रियों ने ऐसी अपील की है, जिसे जनता ने स्वीकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम केवल आम जनता के लिए नहीं बल्कि मंत्रियों और नेताओं के लिए भी हैं और सबको इसका पालन करना होगा। सत्ता पक्ष इस पूरी कवायद को विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बता रहा है।

दूसरी ओर, विपक्ष ने इस अपील को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। राजद (RJD) सांसद मनोज झा ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि ऐसे फैसलों की सबसे बड़ी मार दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां विफल हो चुकी हैं और अब जनता से त्याग की उम्मीद की जा रही है। झा ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों के आचरण में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है, वे केवल फोटो खिंचवाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दिखावा कर रहे हैं। इस मुद्दे ने अब बिहार की गलियों से लेकर विधानसभा तक एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई ‘सादा जीवन’ से देश की अर्थव्यवस्था सुधरेगी या यह केवल एक राजनीतिक स्टंट है।