नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना तीन दिवसीय सेशेल्स दौरा पूरा कर भारत के लिए रवाना हो गए हैं। स्वदेश लौटने से पहले उन्होंने राजधानी विक्टोरिया में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और संवाद किया। इसके बाद उन्होंने अरुल मिहु नवशक्ति विनायकर मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा पीस पार्क पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच 19 महत्वपूर्ण समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई। दोनों देशों ने यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, 1,250 करोड़ रुपये की लाइन ऑफ क्रेडिट, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत ने सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। ये घोषणाएं दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी भाग लिया। वह सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। समारोह में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नौसेना के मार्चिंग बैंड ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय सैन्य दल के सम्मान में खड़े होकर उनका अभिवादन किया। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षाक भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से भी सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें अब तक 34 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
