रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन को ‘विभागीय टीप’ के आधार पर रोकने या लंबित रखने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है। महासंघ ने राज्य सरकार से इस व्यवस्था को तुरंत समाप्त करने और लंबित पेंशन प्रकरणों का जल्द निपटारा करने की मांग की है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने कहा कि वित्त विभाग के पेंशन संबंधी निर्देशों में कहीं भी केवल विभागीय टिप्पणी के आधार पर पेंशन रोकने का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कुछ विभागों में पेंशन मामलों को लंबे समय तक लंबित रखा जा रहा है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महासंघ का कहना है कि पेंशन कर्मचारी का अर्जित और कानूनी अधिकार है, जिसे बिना उचित प्रक्रिया के रोका नहीं जा सकता। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन कोई कृपा नहीं, बल्कि सेवा के बदले मिलने वाला अधिकार है। पेंशनर्स महासंघ ने सरकार से सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी करने, लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द कदम उठाकर हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देगी।
